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कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने प्राइवेट स्कूल संचालकों को कोर्स, ड्रेस और पुस्तक खरीदी के लिए दबाव नहीं बनाने के सख्त निर्देश दिए…

स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यों का कलेक्टर ने किया समीक्षा

वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़ डिस्ट्रिक्ट हेड चित्रसेन घृतलहरे, 10 जून 2025//पेंड्रावन//कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सभागार में जिले के स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यों का समीक्षा किया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी प्रसाद पटेल, सीईओ जिला पंचायत इंद्रजीत बर्मन, समग्र शिक्षा नोडल अधिकारी नरेश कुमार चौहान सहित बीईओ रेशम लाल कोसले और नरेन्द्र कुमार जांगड़े सहित प्राचार्य, बीआरसी आदि उपस्थित थे। कलेक्टर ने कहा कि स्कूली बच्चों को समय पर शिक्षा और मध्यान्ह भोजन मिले। इसके साथ-साथ स्कूलों में पेयजल, सामान्य विद्यालय भवन, जर्जर न हो, शौचालय आदि बुनियादी सुविधा हो। शिक्षक समय पर स्कूल जाएं और ड्यूटी के दौरान शराब सेवन नहीं करें। शिक्षक पद के गरिमा के अनुरूप बच्चों के साथ अच्छी शिक्षा और संस्कार दें। यदि किसी शिक्षक के विरूद्ध कोई शिकायत आता है तो उसकी जांच की जाएगी और जांच सही पाए जाने पर उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि निजी स्कूल संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि सीजी बोर्ड या सीबीएसई बोर्ड में से किसी एक का सिलेबस पढ़ाएं। पालकों और बच्चों पर किसी प्रकार का बंधन नहीं होना चाहिए कि ड्रेस या पुस्तक किसी एक ही दुकान से खरीदें। फीस भी उतना ही लेंगे, जितने जरूरी हो। निजी स्कूलों के बस का फिटनेस सही होना चाहिए। ड्रायवर शराब पीकर वाहन नहीं चलाएं इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। कलेक्टर ने सभी शासकीय और निजी स्कूल प्रभारियों को कहा कि आरटीई के तहत बच्चों का एन्ट्री और नियमानुसार बच्चों का दाखिला लिया जाए। स्कूली बच्चों का जाति प्रमाण पत्र भी समय पर बनाएं। युक्तियुक्तकरण के तहत जिन शिक्षकों ने अब तक पदस्थापना वाले स्कूलों में पदभार ग्रहण नहीं किया है तो वे शीघ्र पदभार ग्रहण करें। इसी प्रकार लम्बे समय तक नियम विरूद्ध अवकाश या अनुपस्थित रहता है तो उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर को कोसीर हाईस्कूल के शिक्षिका ने जानकारी दी कि उनके स्कूल में बच्चों का लगभग 85 प्रतिशत बच्चों का परिणाम रहा। कलेक्टर ने पूछा कि किस तरह से यह शिक्षा व्यवस्था दी। शिक्षिका ने कहा कि वह प्रोजेक्टर के माध्यम से और क्लास जाकर नियमित रूप से बच्चों की मॉनिटरिंग की। कलेक्टर ने अन्य शिक्षकों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों से प्रेरणा लेने कहा। इस अवसर पर सभी ने ताली बजाकर हौसला अफजाई की।

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